गाया है भूपेंद्र ने। लिखा है गुलज़ार ने। गीतायन पर खोजें

असल में

रात में और दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढ़ते हैं

Asif ने जैसा सुना/समझा
रात में और दोपहर में
*साबुदाना* ढूँढ़ते हैं

बकौल Asif,
In Northern India saabuudaanaa is a tiny grain (or something like it) that is used to make paapa.D (wafer). My brother and I always wondered why two lovers would search for "saabuudaanaa" day and night in a city, and why "saabuudaanaa" was so important. We remained puzzled for years. "aab-o-daanaa" kaa bulb kabhii ham dono.n ke dimaaG me.n jalaa hii nahii.n.
4 की पसंद - मेरी भी!
4 और ने यही समझा - मैंने भी!


चर्चा

MM asif ने लिखा,

WOH GUZRE LAMHE WOH BEETE PAL yaaad aatein hain
woh teri muskurahat yaad aati hai har pal har gharii
अरविन्द ने लिखा,
This साबुदाना one is hilarious. I laughed for at least 5 minutes and I was sitting alone by myself.
नीरज रोहिल्ला ने लिखा,
आसिफ़ भाईजी,
बस अब हंसते हंसते पेट फ़ट जायेगा :-)

चलो हम भी कहीं साबूदाना ढूँढते हैं :-)
अतुल शर्मा ने लिखा,
हमने भी बचपन में साबूदाना ही ढूंढा है :-)

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